Monday, November 30, 2009

पन्ने

पन्नों पे चल रही है बेजान ज़िन्दगी |
लफ़्ज़ों पे चढ़ रही है परवान ज़िन्दगी |
पन्ने पलटता हूँ , अलफ़ाज़ बदल जाते हैं |
अंजाम बदलते नहीं , आग़ाज़ बदल जाते हैं
सफें बदलती नहीं , मोकाम बदल जाते हैं
सियाही बदलती नहीं , पैगाम बदल जाते हैं |
पन्ने पलटता हूँ , अलफ़ाज़ बदल जाते हैं |

जिल्द बदलती नहीं , सोराख़ बदल जाते हैं
रौशनी बदलती नहीं , चिराग़ बदल जाते हैं
ज़मीर बदलता नहीं , सिफ़ात बदल जाते हैं
कलम बदलती नहीं , दवात बदल जाते हैं |
पन्ने पलटता हूँ , अलफ़ाज़ बदल जाते हैं |

मखता बदलता नहीं , मिसरे बदल जाते हैं
बहाव बदलते नहीं , पहरे बदल जाते हैं
क़ाफिये बदलते नहीं , कलाम बदल जाते हैं
मुमताज़ बदलते नहीं , नाकाम बदल जाते हैं |
पन्ने पलटता हूँ , अलफ़ाज़ बदल जाते हैं |